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Article: स्किन फ्लडिंग रूटीन क्या है और इसे भारत के मौसम के हिसाब से कैसे अपनाएं

स्किन फ्लडिंग रूटीन - Hindi - Quench Botanics
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स्किन फ्लडिंग रूटीन क्या है और इसे भारत के मौसम के हिसाब से कैसे अपनाएं

चेहरे पर स्किन फ्लडिंग रूटीन लगाते हुए एक स्वस्थ और चमकदार त्वचा की तस्वीर

चेहरे में अचानक से वह पहले जैसी नरमी और दमक वापस लाने का एक नया और आसान तरीका आजकल बहुत वायरल हो रहा है, जिसे 'स्किन फ्लडिंग' कहा जाता है। अगर आप दिल्ली या चंडीगढ़ की सूखी सर्दियों से लेकर मुंबई या चेन्नई के चिपचिपे मानसून तक परेशान रहते हैं, या फिर ऑफिस के एसी में अपनी त्वचा का रूखापन महसूस करते हैं, तो यह रूटीन आपके लिए है। आसान शब्दों में कहें तो, त्वचा पर एक के बाद एक पानी जैसे हाइड्रेटर्स की हल्की-हल्की परतें चढ़ाना ही स्किन फ्लडिंग है, ताकि आपकी त्वचा अंदर से पूरी तरह से हाइड्रेटेड और फूला हुआ महसूस करे।

मुख्य बात: स्किन फ्लडिंग एक ऐसी हाइड्रेशन तकनीक है जिसमें आप अपने चेहरे पर हल्के पानी जैसे सीरम और मिस्ट की परतें लगाते हैं, और फिर अंत में मॉइस्चराइज़र लगाकर नमी को लॉक कर देते हैं।

स्किन फ्लडिंग रूटीन आखिर क्या है?

स्किन फ्लडिंग रूटीन एक बहुत ही आसान और आनंददायक तरीका है अपनी त्वचा को भरपूर नमी देने का। इसमें हम त्वचा पर पानी जैसी हल्की हाइड्रेटिंग चीज़ों (जैसे टोनर या सीरम) की परतें बनाते हैं, और फिर आखिर में एक मॉइस्चराइज़र लगाते हैं जो नमी को बाहर जाने से रोकता है। इस रूटीन का क्रम बहुत सीधा है: पहले मिस्ट, फिर सीरम, फिर से मिस्ट, और अंत में मॉइस्चराइज़र। सबसे ज़रूरी बात यह है कि हर अगली परत तब लगाई जाए जब पिछली परत की नमी त्वचा पर अभी भी थोड़ी गीली हो। हाइड्रेटर में मौजूद हयालूरोनिक एसिड (hyaluronic acid) या सोडियम हयालूरोनिक एसिड जैसी चीज़ें पानी को अपनी ओर खींचती हैं, लेकिन इसके लिए त्वचा पर पानी का होना बहुत ज़रूरी है।

एक आसान उदाहरण से समझें: यह ऐसा है जैसे आप एक ही बार में पानी का पूरा गिलास पीने के बजाय, लगातार पानी के छोटे-छोटे घूंट पीते रहें, जिससे शरीर को ज़्यादा फायदा होता है। अगर आप किसी बहुत ही उमस भरे शहर में रहते हैं, तो अक्सर मिस्ट और सीरम की दो परतें ही काफी होती हैं। लेकिन अगर आप पंजाब या यूपी की शुष्क सर्दियों में हैं, या फिर लगातार एसी के नीचे बैठे हैं, तो आप चारें परतों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस रूटीन को सिर्फ एक ही नियम के साथ करना है: हर परत के बीच का समय एक मिनट से कम होना चाहिए, ताकि त्वचा कभी भी पूरी तरह से सूखे नहीं। यह तरीका न केवल आपकी त्वचा को एक शानदार दमक देता है, बल्कि इसे लगाना भी बहुत सुकून भरा लगता है।

यह रूटीन वायरल क्यों हुआ और इसे भारतीय मौसम के हिसाब से कैसे बदलें

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यह रूटीन इसलिए वायरल हुआ क्योंकि यह बहुत ही सरल है और इसे करने के बाद चेहरे पर जो दमक आती है, वह कमाल की होती है। लेकिन भारत जैसे देश में, जहाँ मौसम एक दिन में ही बदल जाता है, हमें इसमें थोड़ा बदलाव करना पड़ता है। भारत में ज़्यादातर लोगों की त्वचा का प्रकार फिट्ज़पैट्रिक III से V के बीच आता है और कई लोगों की त्वचा तैलीय या मिश्रित (combination) होती है, जो उमस में बहुत भारी महसूस होती है। ऐसे में चेहरे पर पानी की चार परतें लगाना, खासकर मानसून या तटीय इलाकों में, थोड़ा चिपचिपा और बोझिल लग सकता है। इसलिए वहां एक छोटा रूटीन ज़्यादा बेहतर रहता है।

दूसरी ओर, जब आप एसी वाले ऑफिस में काम कर रहे हों, हवाई जहाज़ की यात्रा कर रहे हों, या फिर उत्तर भारत की कड़ाके की ठंड में हों, तो आपकी त्वचा बहुत ज़्यादा रूखी हो जाती है। इस स्थिति में भले ही आपकी त्वचा सामान्य रूप से तैलीय हो, लेकिन ठंड या एसी के कारण आपको कसाव, पपड़ीदारपन और रूखापन महसूस हो सकता है। ऐसे मौसम में यह पूरा चार-परतों वाला रूटीन लगाना बहुत फायदेमंद साबित होता है।

भारत के शहरों का पानी भी अक्सर कठोर (hard water) होता है, जो त्वचा की नमी को छीन सकता है। इसलिए जब आप इस रूटीन को अपनाएं, तो सुनिश्चित करें कि आपका पानी बहुत ज़्यादा कठोर न हो, या आप फ़िल्टर के पानी का इस्तेमाल कर रहे हों।

स्किन फ्लडिंग रूटीन करने का सही तरीका

इस रूटीन को सही तरीके से करने के लिए आपको कुछ आसान कदमों का पालन करना है। सबसे पहले अपना चेहरा अच्छी तरह से साफ करें और तौलिये से पोंछते समय चेहरे को हल्का सा गीला छोड़ दें, ताकि त्वचा पर थोड़ी नमी बनी रहे। चेरी ब्लॉसम मिस्ट टोनर (Cherry Blossom mist toner) को अपनी बांह की दूरी से चेहरे पर छिड़कें और तौलिये से बिल्कुल न पोंछें।

इसके बाद, अपने हाथों में 96% स्नेल म्यूसिन कोलाजेन बूस्ट सीरम (Snail Mucin Collagen Boost Serum) के 2-3 बूंदें लें और उन्हें आपस में रगड़कर हल्का गर्म कर लें। अब इस सीरम को पूरे चेहरे और गर्दन पर हल्के हाथों से दबाते हुए लगाएं। याद रखें, इस सीरम की एक 10 मिलीलीटर की मिनी बोतल भी आती है जो पैच टेस्ट या यात्रा के लिए बहुत अच्छी है, और 30 मिलीलीटर की बड़ी बोतल भी उपलब्ध है।

तीसरा कदम है सीरम के ऊपर से एक या दो बार और हल्का मिस्ट छिड़कना। ऐसा तब करें जब सीरम आपकी त्वचा पर थोड़ा चिपचिपा (tacky) महसूस होने लगे। अंत में, इस पूरी नमी को सील करने के लिए 92% स्नेल म्यूसिन कोलाजेन बूस्ट मॉइस्चराइज़र (Snail Mucin Collagen Boost Moisturizer) का इस्तेमाल करें। सुबह के समय मॉइस्चराइज़र के ऊपर सनस्क्रीन लगाना न भूलें।

अगर आप इस रूटीन में इस्तेमाल होने वाले घटकों के बारे में और जानना चाहते हैं, तो आप हयालूरोनिक एसिड और स्नेल म्यूसिन के बीच का अंतर पढ़ सकते हैं, जो भारतीय त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है।

कौन सा तरीका आपकी त्वचा और मौसम के लिए सही है

96% Snail Mucin Collagen Boost Serum with Niacinamide & Hyaluronic Acid - 30 ml

आपकी त्वचा का प्रकार और बाहर का मौसम यह तय करता है कि आपको कौन सा रूटीन अपनाना चाहिए। अगर आपकी त्वचा तैलीय है और आप किसी उमस भरे शहर में रहते हैं, तो आपको सिर्फ मिस्ट और सीरम का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके बाद एक बहुत ही पतला, जेल जैसा हल्का मॉइस्चराइज़र लगाएं। अगर आपको दोपहर तक चेहरा बहुत ज़्यादा चिपचिपा लगने लगे, तो आप दिन में मॉइस्चराइज़र न लगाएं और सिर्फ रात में लगाएं।

अगर आपकी त्वचा रूखी है, आप लगातार एसी में रहते हैं, या फिर उत्तर भारत की सर्दियों का सामना कर रहे हैं, तो आपको चारों परतों का इस्तेमाल करना चाहिए। इस स्थिति में आप मॉइस्चराइज़र की एक मोटी परत लगा सकते हैं, खासकर रात के समय। कठोर पानी और लंबे समय तक एसी के संपर्क में रहने से त्वचा में कसाव आ सकता है, इसलिए यह रूटीन आपको उस समस्या से बचा सकता है।

अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या आपको मुँहासे (acne) की समस्या रहती है, तो शुरुआत में सिर्फ दो परतें (मिस्ट और सीरम) से करें। किसी भी नए उत्पाद का पैच टेस्ट अपनी अंदरूनी बांह या जबड़े की रेखा (jawline) पर ज़रूर करें। एक बार में एक ही नया उत्पाद जोड़ें, ताकि अगर कोई एलर्जी हो तो आप आसानी से पहचान सकें। यह रूटीन मुँहासों को ठीक करने का इलाज नहीं है, बल्कि यह सिर्फ त्वचा को नमी देने का एक तरीका है। इसलिए, हर किसी की त्वचा इस पर अलग तरह से प्रतिक्रिया कर सकती है।

इस रूटीन में इस्तेमाल होने वाले सीरम में पहले से ही नियासिनमाइड (niacinamide) और हयालूरोनिक एसिड होता है। इसलिए, उसी रात को आप एक और नियासिनमाइड सीरम का इस्तेमाल न करें। अगर आप अपने चेहरे को रात भर नमी देने के लिए और तरीके खोज रहे हैं, तो आप रात में निखार लाने वाले ओवरनाइट मास्क रूटीन के बारे में भी पढ़ सकते हैं।

अगर आप नमी के लिए सीरम और मॉइस्चराइज़र की मात्रा के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप भारतीय त्वचा के लिए स्नेल म्यूसिन मॉइस्चराइज़र की मात्रा और सही समय के बारे में जान सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप नियासिनमाइड और हयालूरोनिक एसिड को सही क्रम में लगाने के बारे में जानना चाहते हैं, तो इस लेख को ज़रूर पढ़ें।

अंत में, अगर आप मानसून के दौरान तैलीय त्वचा के लिए कुछ अतिरिक्त उपाय खोज रहे हैं, तो मानसून में तैलीय त्वचा के लिए सही स्किनकेयर रूटीन के बारे में जान सकते हैं।

तो इंतज़ार किस बात का? आज रात ही इस रूटीन को आज़माएं। अपने चेहरे पर चेरी ब्लॉसम मिस्ट छिड़कें, 96% स्नेल म्यूसिन कोलाजेन बूस्ट सीरम लगाएं, फिर से हल्का मिस्ट लें, और अंत में 92% स्नेल म्यूसिन कोलाजेन बूस्ट मॉइस्चराइज़र से इसे सील कर दें। आपकी त्वचा आपको इसके लिए धन्यवाद देगी!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न स्किन फ्लडिंग रात में या सुबह

स्किन फ्लडिंग रूटीन रात में करना बेहतर है या सुबह?

स्किन फ्लडिंग रात में करना ज़्यादा फायदेमंद रहता है, क्योंकि रात को त्वचा खुद को रिपेयर करती है और नमी आराम से टिकती है। दीदी की सलाह यह है कि दिन भर की धूल और पॉल्यूशन, खासकर दिल्ली जैसे शहरों में, पहले हल्के क्लेंज़र से धो लें। फिर गीले चेहरे पर हाइड्रेटिंग सीरम और मॉइस्चराइज़र लगाएं। सुबह चाहें तो हल्का वर्ज़न अपनाएं और ऊपर से सनस्क्रीन ज़रूर लगाएं। गर्मी में सुबह का रूटीन हल्का रखें।

क्या तैलीय और मुंहासे वाली त्वचा के लिए स्किन फ्लडिंग सुरक्षित है?

हाँ, तैलीय और मुंहासे वाली त्वचा पर भी स्किन फ्लडिंग की जा सकती है, बशर्ते आप हल्के, पानी जैसे टेक्सचर वाले प्रोडक्ट चुनें। बहुत भारी क्रीम या तेल से रोमछिद्र बंद हो सकते हैं। मुंबई जैसे नमी भरे मौसम या बरसात में जेल-बेस्ड मॉइस्चराइज़र बेहतर रहता है। नीम और हल्दी जैसी जानी-पहचानी जड़ी-बूटियों वाले हल्के फ़ॉर्मूले आज़माए जा सकते हैं। नया प्रोडक्ट पहले कान के पीछे पैच टेस्ट करें, और समस्या बढ़े तो त्वचा विशेषज्ञ से मिलें।

स्किन फ्लडिंग हफ्ते में कितनी बार करनी चाहिए?

शुरुआत में हफ्ते में दो से तीन बार स्किन फ्लडिंग करना काफ़ी है, फिर त्वचा की प्रतिक्रिया देखकर बढ़ा सकती हैं। सर्दी में रूखापन ज़्यादा होता है, तो आप इसे रोज़ रात भी कर सकती हैं। गर्मी और बरसात में कम बार और हल्के प्रोडक्ट के साथ करें। अगर चेहरे पर जलन, लालिमा या चिपचिपाहट लगे, तो कुछ दिन रुक जाएं। शादी की तैयारी वाली त्वचा के लिए भी कुछ हफ्ते पहले से नियमित रूटीन अच्छा रहता है।

स्किन फ्लडिंग में गुलाब जल और चंदन जैसी चीज़ें कैसे इस्तेमाल करें?

गुलाब जल और चंदन को स्किन फ्लडिंग में पहले चरण के रूप में हल्की नमी देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, पर सिर्फ़ इन्हीं पर निर्भर न रहें। साफ़ चेहरे पर गुलाब जल का छिड़काव करें, फिर तुरंत हाइड्रेटिंग सीरम और मॉइस्चराइज़र से नमी बंद करें, वरना पानी उड़ जाता है। चंदन आधारित क्रीम गर्मी में ठंडक का एहसास देती है। Quench Botanics के वनस्पति-आधारित क्लीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी इसी तरह परतों में लगाए जा सकते हैं। संवेदनशील त्वचा पर पहले पैच टेस्ट करें।

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